ईमेल क्या होता है और इसका पूरा नाम
ईमेल का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक मेल है। यह इंटरनेट पर एक डिजिटल चिट्ठी है, जो कंप्यूटर या फ़ोन से किसी ईमेल पते पर भेजी जाती है। पते में नाम, @ चिह्न और डोमेन होता है। संदेश SMTP से मेल सर्वर तक जाता है, और इनबॉक्स में IMAP या वेबमेल से खुलता है।
ईमेल दो चीज़ों का नाम है: भेजने का सिस्टम, और वह एक संदेश जो इनबॉक्स में आता है। हिंदी में इसे विपत्र भी कहते हैं। घर, दफ़्तर, स्कूल और बैंक में यही लिखा जाता है, क्योंकि भेजा संदेश बाद में भी पढ़ा जा सकता है।
1972 में रे टॉमलिंसन ने नेटवर्क पर पहला ईमेल भेजा और पते के लिए @ चिह्न चुना। आज Gmail, Yahoo Mail, Outlook और Rediffmail वही काम ब्राउज़र में करती हैं। टेक्स्ट के साथ फ़ोटो, PDF और दूसरी फ़ाइल भी जा सकती है।

ईमेल एड्रेस और ईमेल आईडी क्या होती है
ईमेल एड्रेस और ईमेल आईडी एक ही पते के दो नाम हैं। इससे मेलबॉक्स पहचाना जाता है। रूप हमेशा नाम, फिर @, फिर डोमेन होता है।
- @ से पहले लोकल नाम है, जैसे info या aapka-naam।
- @ के बाद डोमेन है, जैसे aapka-domain.in। यही नाम साइट का भी हो सकता है।
- पासवर्ड पता नहीं है। पता लोग देख सकते हैं। पासवर्ड सिर्फ़ खाता खोलने के लिए है।
- वर्क ईमेल अपने डोमेन पर होता है, जैसे naam@brand.in। मुफ़्त Gmail दफ़्तर का आधिकारिक पता नहीं बनता।
जन्म-तारीख या naam123 जैसा पासवर्ड मत रखें। सेवा टू-फैक्टर दे तो उसे चालू कर दें, ताकि चोरी हुआ पासवर्ड अकेला खाता न खोल सके।
ईमेल कैसे काम करता है: SMTP, MX, IMAP और POP3
आप मेल क्लाइंट में लिखते हैं: वेबमेल, फ़ोन ऐप या Outlook। भेजते ही आपका मेल सर्वर SMTP से जुड़ता है, पते का डोमेन DNS में देखता है, और MX रिकॉर्ड बताता है कि मेल किस सर्वर पर रखनी है।
यह चैट नहीं है। संदेश सर्वर पर तब तक रहता है, जब तक पढ़ने वाला इनबॉक्स न खोले।
| तरीका | मेल कहाँ रहती है | कब चुनें |
|---|---|---|
| वेबमेल | सर्वर पर, ब्राउज़र में | जब कोई ऐप न लगाना हो और नेट चालू हो |
| IMAP | सर्वर पर, हर डिवाइस में वही इनबॉक्स | फ़ोन और लैपटॉप दोनों से पढ़ना हो |
| POP3 | डाउनलोड के बाद अक्सर सर्वर से हट जाती है | जब मेल सिर्फ़ एक कंप्यूटर पर रखनी हो |
POP3 मेल को एक डिवाइस पर उतारता है और अक्सर सर्वर से हटा देता है। IMAP मेल को सर्वर पर छोड़ता है, इसलिए फ़ोन और लैपटॉप पर एक ही इनबॉक्स रहता है। वेबमेल ब्राउज़र में वही सर्वर दिखाता है और बिना नेट के नहीं खुलता।
SMTP भेजने का प्रोटोकॉल है। IMAP और POP3 पढ़ने के हैं। भेजने की अलग व्याख्या SMTP सर्वर पेज पर है, और दोनों पढ़ने के तरीकों का फ़र्क POP3 और IMAP पेज पर है।
ईमेल में क्या लिखा जाता है
एक ईमेल में तीन परतें होती हैं: सर्वरों के बीच जाने वाला पता, हेडर जो आपको दिखता है, और बॉडी जिसमें असली बात होती है। आप हेडर और बॉडी भरते हैं।
| हिस्सा | क्या लिखें |
|---|---|
| To | जिसको भेजना है उसका पूरा पता |
| Cc | कॉपी, जिसे बाकी लोग देख सकें |
| Bcc | छिपी कॉपी, जिसे बाकी प्राप्तकर्ता न देखें |
| Subject | एक लाइन में काम, जैसे बिल या मीटिंग का समय |
| Body | संक्षिप्त बात, और ज़रूरत हो तो फ़ाइल |
विषय एक लाइन में काम बताए, जैसे बिल की कॉपी या मीटिंग का समय। बॉडी में संक्षिप्त नमस्ते, जो माँग है, और फ़ाइल का नाम लिखें। Cc उसे दें जिसे कॉपी दिखनी चाहिए। Bcc उसे दें जिसे बाकी प्राप्तकर्ता न देखें।
अटैचमेंट फ़ोटो, PDF या दस्तावेज़ होता है। बहुत बड़ी फ़ाइल कई सेवाएँ अस्वीकार कर देती हैं, इसलिए भारी फ़ाइल का लिंक भेजना बेहतर है।
ईमेल कैसे भेजें
भेजने के लिए तीन चीज़ें चाहिए: आपका ईमेल खाता, इंटरनेट, और सामने वाले का सही पता।
- इनबॉक्स खोलें और Compose या नया संदेश दबाएँ।
- To में पूरा पता लिखें। एक अक्षर गलत हो तो मेल किसी और के पास चली जाती है।
- Subject में काम की एक लाइन लिखें, बॉडी में संदेश भरें, और ज़रूरत हो तो फ़ाइल जोड़ें।
- Send दबाएँ। Sent फ़ोल्डर में मेल दिखे, तो वह आपके आउटबॉक्स से निकल चुकी है।
बाउंस मेल आए, मतलब पता मिला नहीं, तो To दोबारा पढ़ें। मेल Sent में है और जवाब नहीं आया, तो वह पहुँच चुकी हो सकती है और अभी नहीं पढ़ी गई।
ईमेल और Gmail में अंतर, और बिज़नेस ईमेल
ईमेल तरीका है। Gmail उस तरीके की एक सेवा है, जिसे गूगल चलाता है। Yahoo Mail, Outlook.com और Rediffmail भी ऐसी ही सेवाएँ हैं। इन पर पता अक्सर @gmail.com या @yahoo.com पर खत्म होता है।
बिज़नेस ईमेल आपके अपने डोमेन पर बनता है, जैसे accounts@brand.in। ग्राहक देखता है कि मेल कंपनी की है, किसी मुफ़्त खाते की नहीं। साइट, बिल और सपोर्ट पर वही पता रखें।
कीमत मेलबॉक्स की संख्या पर निर्भर करती है और 18% GST से पहले बिज़नेस ईमेल होस्टिंग पेज पर छपी है। ऑर्डर से पहले वही आंकड़ा देखें।
अपने डोमेन वाला ईमेल कैसे लें
अपना डोमेन हो, या होस्टिंग के साथ आए, तो मेलबॉक्स उसी नाम पर बनता है। बिना डोमेन के naam@brand.in नहीं बन सकता।
- डोमेन तय करें। उसी नाम पर पता बनेगा।
- मेलबॉक्स बनाएँ: लोकल नाम, मजबूत पासवर्ड, और वह पता जिसे कार्ड पर छापना है।
- MX रिकॉर्ड उस सर्वर की ओर हो जहाँ मेल रखनी है। SPF और DKIM उसी डोमेन पर लगें, वरना मेल स्पैम में जाती है।
- किसी दूसरे पते पर टेस्ट भेजें और वहाँ से जवाब मँगवाएँ। दोनों दिशा चलें, तभी सेटअप पूरा है।
बटन-दर-बटन तरीका बिज़नेस ईमेल सेटअप में है। पुराना बॉक्स लाना हो तो माइग्रेशन शर्तों और मंजूरी के बाद होता है। यह तुरंत या बिना शर्त नहीं है। अटकें तो support@webji.services पर लिखें। जवाब हिंदी या अंग्रेज़ी में आता है, अक्सर 60 मिनट के अंदर।
ईमेल की आम गलतियाँ: स्पैम, अटैचमेंट और पासवर्ड
तीन गलतियाँ इनबॉक्स खराब करती हैं: मेल का स्पैम में जाना, बहुत भारी अटैचमेंट, और भूला हुआ पासवर्ड।
- स्पैम: खाली या पूरे बड़े अक्षरों में विषय, एक साथ सैकड़ों अनजान पते, या डोमेन पर SPF और DKIM न होना।
- अटैचमेंट: सीमा से बड़ी फ़ाइल मेल को रोक देती है। अनजान ज़िप या ऐप न खोलें।
- पासवर्ड: वही पासवर्ड हर साइट पर न रखें। भूलें तो सेवा के रीसेट से नया बनाएँ। किसी को फ़ोन पर न बताएँ।
फ़िशिंग वह मेल है जो बैंक, कंपनी या होस्टिंग होने का नाटक करती है। दिखने वाला नाम सही हो तो भी पते का डोमेन पढ़ें। जल्दी पैसे, OTP या पासवर्ड माँगे तो लिंक न खोलें।
मोबाइल और Outlook में ईमेल कैसे पढ़ें
फ़ोन और Outlook दोनों में वही मेलबॉक्स IMAP से जोड़ें। POP3 चुनेंगे तो एक डिवाइस मेल उतार लेगी और दूसरी पर वह गायब लग सकती है।
ऐप में पूरा पता, पासवर्ड और वह सर्वर नाम डालें जो होस्टिंग पैनल दिखाता है। सेव के बाद पुरानी मेल इनबॉक्स में दिखे और भेजा टेस्ट Sent में आए, तो सेटअप सही है। वेबमेल उसी खाते को ब्राउज़र में खोलता है।
ईमेल के आम सवाल
ईमेल का पूरा नाम क्या है?
ईमेल का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक मेल (Electronic Mail) है। हिंदी में इसे विपत्र भी कहा जाता है। यह इंटरनेट पर डिजिटल चिट्ठी भेजने का तरीका है।
ईमेल एड्रेस और ईमेल आईडी में क्या फ़र्क है?
रोज़मर्रा की भाषा में दोनों एक ही हैं: वह पता जिससे मेल आता-जाता है। रूप नाम@डोमेन होता है, जैसे info@aapka-domain.in। पासवर्ड इस पते से अलग होता है।
ईमेल और Gmail में क्या अंतर है?
ईमेल संदेश भेजने का सिस्टम है। Gmail गूगल की एक ईमेल सेवा है, जैसे Yahoo Mail या Outlook। अपना डोमेन वाला पता, जैसे naam@brand.in, बिज़नेस ईमेल है, मुफ़्त Gmail नहीं।
ईमेल कैसे भेजते हैं?
ईमेल खाता खोलें, Compose या नया संदेश दबाएँ, To में पता लिखें, विषय और संदेश भरें, फिर Send दबाएँ। भेजा मेल Sent फ़ोल्डर में दिखे, तो वह आउटबॉक्स से निकल चुका है।
ईमेल स्पैम में क्यों चली जाती है?
खाली विषय, बहुत बड़ी अटैचमेंट, खरीदी हुई सूची, या डोमेन पर SPF और DKIM न होना मेल को स्पैम में डाल देता है। अजनबी लिंक और जल्दी पैसे माँगने वाली मेल अक्सर फ़िशिंग होती है।
वेबमेल क्या है?
वेबमेल ब्राउज़र में खोला जाने वाला ईमेल है, जैसे Gmail की साइट। मेल सर्वर पर रहती है, इसलिए पढ़ने के लिए इंटरनेट चाहिए। फ़ोन ऐप या Outlook आमतौर पर IMAP से वही मेलबॉक्स दिखाते हैं।

