डोमेन क्या है, आसान भाषा में
डोमेन आपकी वेबसाइट का नाम है, जैसे webji.in। यह याद रखने लायक शब्द होता है। DNS इस नाम को सर्वर के IP पते से जोड़ता है। नाम और एक्सटेंशन (.com या .in) अलग होते हैं, और होस्टिंग अलग बिल है। रजिस्ट्रेशन हर साल होता है।
- डोमेन वेबसाइट का नाम है, IP नंबर नहीं।
- नाम और एक्सटेंशन दो हिस्से हैं, जैसे webji और .in।
- होस्टिंग अलग बिल है, और रजिस्ट्रेशन हर साल होता है।
बड़े और छोटे अक्षर एक ही डोमेन हैं। Google का डोमेन नाम google.com है। आपका नाम खाली होना चाहिए और बोलने में आसान हो। एक्सटेंशन तथा सालाना बैंड भारत में डोमेन रजिस्ट्रेशन पेज पर एक साथ हैं।
डोमेन नाम कैसे काम करता है
आप ब्राउज़र में नाम लिखते हैं। DNS उस नाम का IP पता लौटाता है, और ब्राउज़र उसी सर्वर से पेज माँगता है। IP एक नंबर होता है, जैसे 192.0.2.1, जिसे लोगों को याद रखने की जरूरत नहीं।
www नाम के आगे का लेबल है, अलग डोमेन नहीं। साइट के लिए A रिकॉर्ड और मेल के लिए MX रिकॉर्ड अलग पंक्तियाँ हैं। हर रिकॉर्ड क्या रखता है, यह DNS रिकॉर्ड की सूची पर है।

नाम रजिस्टर होने पर साइट अपने आप नहीं खुलती। पेज तभी आता है जब होस्टिंग जुड़ी हो और DNS सही IP दिखाए। DNS गलत हो तो नाम आपका रहता है और साइट नहीं खुलती।
डोमेन एक्सटेंशन: .com, .in और .co.in
एक्सटेंशन बताता है कि नाम किस परिवार का है। .com generic नाम है, .in भारत का country code है, और .co.in उसी .in के नीचे का नाम है।
| एक्सटेंशन | किसके लिए | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| .com | कोई भी देश | लोग अक्सर यही टाइप करते हैं |
| .in | भारत का नाम | देश का कोड, सरकारी नाम नहीं |
| .co.in | .in के नीचे का नाम | .in से अलग एक्सटेंशन है |
| .org | संस्था की आदत | यह NGO का कानूनी दर्जा नहीं देता |
.भारत जैसा Devanagari नाम भी रजिस्टर हो सकता है। वही एक्सटेंशन लें जिसे ग्राहक सुनकर लिख सके। अजीब हाइफन बाद में समझाने पड़ते हैं।
डोमेन कैसे खरीदें
खरीद का मतलब नाम को एक अवधि के लिए अपने रजिस्ट्रार खाते में लिखवाना है। भुगतान से पहले रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल दोनों राशियाँ पढ़ें।
- ब्रांड का छोटा नाम लिखें और .com, .in या .co.in में से एक चुनें।
- डोमेन उपलब्ध है या नहीं जाँचें। लिया हुआ नाम दोबारा नहीं बिकता।
- एक या अधिक साल चुनें। रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल दोनों पढ़ें। बिल में 18% GST जुड़ता है।
- भुगतान के बाद नाम रजिस्ट्रार खाते में दिखे। यही सफल रजिस्ट्रेशन की जाँच है। साइट बाद में होस्टिंग और DNS से खुलती है।
डोमेन का सालाना खर्च
नीचे की राशियाँ भारत में डोमेन रजिस्ट्रेशन पेज पर 29 अक्टूबर 2026 को लिखी अनुमानित सीमाएँ हैं, 18% GST से पहले। होस्टिंग का pricing पेज इन राशियों को नहीं दिखाता। यह तय बिल नहीं है। सटीक राशि checkout पर, या support@webji.services पर लिखने के बाद, तय होती है।
| एक्सटेंशन | रजिस्ट्रेशन (₹/साल) | रिन्यूअल (₹/साल) |
|---|---|---|
| .com | 900–1,200 | 1,000–1,400 |
| .in | 500–800 | 700–1,000 |
| .co.in | 500–900 | 800–1,100 |
पहला साल और रिन्यूअल अलग हो सकते हैं। सस्ता पहला साल अगले साल महँगा हो सकता है, इसलिए रिन्यूअल वाला कॉलम बिना पढ़े भुगतान न करें।
डोमेन और होस्टिंग में क्या फर्क है
डोमेन पता है। होस्टिंग वह सर्वर जगह है जहाँ फाइल, ईमेल और डेटाबेस रहते हैं। दोनों का बिल अलग होता है, और एक के बिना दूसरा अधूरा रह सकता है।
बिना होस्टिंग के डोमेन आपका रह सकता है, पर पेज नहीं खुलता। बिना डोमेन के होस्टिंग सिर्फ IP से खुल सकती है, जिसे ग्राहक याद नहीं रखते। पूरा अंतर डोमेन और होस्टिंग का फर्क पर है।
डोमेन रिन्यूअल और एक्सपायरी
डोमेन खरीदना स्थायी मालिकाना हक नहीं है। अवधि खत्म होने पर रिन्यूअल चाहिए, वरना नाम वापस उपलब्ध नामों में जा सकता है।
आमतौर पर क्रम यह रहता है: grace, फिर redemption, फिर pending delete। दिनों की संख्या रजिस्ट्री पर निर्भर करती है। Redemption का शुल्क सामान्य रिन्यूअल से अलग होता है और भुगतान से पहले लिखा होना चाहिए।
- Grace में साइट रुक सकती है, और सामान्य रिन्यूअल से नाम वापस आ सकता है।
- Redemption का शुल्क अलग होता है। राशि अनुमान न लगाएं। भुगतान से पहले लिखी राशि ही मानें।
- Pending delete के बाद नाम कोई भी रजिस्टर कर सकता है।
ऑटो-रिन्यूअल तभी चालू रखें जब भुगतान का तरीका सही हो। ट्रांसफर से पहले नाम unlock करें और authorization code लें। कई generic एक्सटेंशन पर नया रजिस्ट्रेशन करीब 60 दिन तक ट्रांसफर लॉक में रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डोमेन क्या है?
डोमेन आपकी वेबसाइट का नाम है, जैसे webji.in। DNS इस नाम को सर्वर के IP पते से जोड़ता है, ताकि लोग नंबर याद किए बिना साइट खोल सकें। होस्टिंग अलग सेवा है।
डोमेन नाम कैसे प्राप्त करें?
नाम और एक्सटेंशन चुनें, उपलब्धता जाँचें, और एक अवधि का रजिस्ट्रेशन भुगतान करें। नाम रजिस्ट्रार खाते में आता है। साइट तभी खुलती है जब होस्टिंग जुड़ी हो और DNS सही IP दिखाए।
डोमेन नेम में कितना खर्चा आता है?
29 अक्टूबर 2026 को भारत में डोमेन रजिस्ट्रेशन पेज पर अनुमानित बैंड, 18% GST से पहले, ये हैं: .com रजिस्ट्रेशन ₹900–1,200 और रिन्यूअल ₹1,000–1,400; .in रजिस्ट्रेशन ₹500–800 और रिन्यूअल ₹700–1,000। होस्टिंग के pricing पेज पर ये राशियाँ नहीं हैं। सटीक राशि checkout पर तय होती है।
.com और .in में क्या अंतर है?
.com दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाला generic एक्सटेंशन है। .in भारत का country-code एक्सटेंशन है और भारतीय दर्शकों के लिए छोटा स्थानीय नाम देता है। दोनों सालाना किराए पर होते हैं, और रिन्यूअल रजिस्ट्रेशन से अलग हो सकता है।
डोमेन और होस्टिंग में क्या फर्क है?
डोमेन पता है और होस्टिंग वह जगह है जहाँ साइट की फाइलें रहती हैं। बिना होस्टिंग के डोमेन आपका रहता है, पर पेज नहीं खुलता। बिना डोमेन के होस्टिंग सिर्फ IP से खुल सकती है।
Google का डोमेन नाम क्या है?
Google की वेबसाइट का डोमेन नाम google.com है। ब्रांड नाम और एक्सटेंशन मिलकर डोमेन बनते हैं। आपका नाम अलग होगा, और रजिस्ट्रेशन से पहले खाली होना चाहिए।

